Friday, August 7, 2026
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चारधाम दर्शन को 10 लाख श्रद्धालु कम आए क्योंकि आपदा 20 दिन ज्यादा रही

देहरादून: char dham yatra हिंदुओं की आस्था के सबसे बड़े केंद्रों में शामिल उत्तराखंड के चार धामों में कपाट सर्दियों के लिए बंद होने लगे हैं। केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री की यात्रा अब पूरी हो चुकी है। 17 नवंबर को बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने के साथ ही इस साल यात्रा का समय भी पूरा हो जाएगा। पर इस साल चार धामों में दर्शन करने वाले यात्रियों की संख्या में 10 लाख से ज्यादा की कमी आई है। जिसका एक बड़ा कारण इस साल उत्तराखंड में प्राकृतिक आपदाओं के दिनों का बढ़ना रहा है। Disaster in Uttarakhand

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इस साल चारधाम यात्रा की शुरूआत 10 मई को केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ शुरू हुई। अब तक 46 लाख 74 हजार यात्री चारधाम के दर्शन कर चुके हैं। पर 2023 में यात्रियों की संख्या 56 लाख से अधिक रही थी। जो कि यात्रा के इतिहास में यात्रियों की सबसे अधिक संख्या होने का रेकार्ड है। पर इस साल यात्रियों की संख्या में 10 लाख तक की बड़ी गिरावट दर्ज हुई है। इसका मुख्य कारण इस साल उत्तराखंड में बारिश व आपदाओं के दिनों का बढ़ना रहा है। char dham yatra

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मॉनसून की बारिश के दिन ज्यादा रहे

वायुमंडल वैज्ञानिक डॉ. नरेंद्र के अनुसार उत्तराखंड में अमूमन जुलाई मध्य से अगस्त के पूरे महीने मॉनसून की सबसे ज्यादा बारिश होती है। यही समय चारधाम में आपदाओं के लिहाज से सबसे संवेदशील भी रहता है। पर इस बा र चारधाम यात्रा मार्ग पर तेज बारिश अन्य सालों के मुकाबले 20 दिन ज्यादा रही। यही कारण रहा कि जो मॉनसून सितंबर की शुरूआत में ही धीमा पड़त था, उसने इस बार सितंबर मध्य तक तेज बारिश की। जिस करण मॉनसून की बारिश इस बार सामान्य से 12 फीसदी अधिक दर्ज की गई। सामान्य तौर पर 1121 एमएम बारिश दर्ज होती है। पर इस मॉनसून सीजन में यह 1230 एमएम बारिश हुई। Rainfall in Uttarakhand

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20 दिन ज्यादा बारिश होने के कारण मई से लेकर जुलाई मध्य तक करीब 31 लाख श्रद्धालु चारधाम यात्रा कर चुके थे। पर इसके बाद मॉनसून की जोरदार बारिश के कारण उत्तराखंड में प्राकृतिक आपदाओं का कहर टूट पड़ा। 31 जुलाई की रात केदारनाथ पैदल मार्ग में बादल फटने की घटना हुई। सोनप्रयाग के पास करीब 150 मीटर हाईवे बंद गया। जिसे दोबारा तैयार होने में एक महीने से अधिक समय लगा। यमुनोत्री व बदरीनाथ यात्रा मार्ग पर भी इस साल कई बड़े भूस्खलन हुए जिस कारण यात्रा बंद रही। देशभर के श्रद्धालुओं के बीच सड़क बंद होने की खबरों के कारण यात्रियों की संख्या में गिरावट दर्ज हुई है।

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16 लाख श्रद्धालु केदारनाथ पहुंचे

चारधामों के बीच सबसे अधिक श्रद्धालु केदारनाथ धाम के दर्शन को पहुंच रहे हैं। इस साल भी 16 लाख 52 हजार श्रद्धालुओं ने केदारनाथ के दर्शन किए। 12 लाख 98 हजार बदरीनाथ, 8.15 लाख गंगोत्री व 7.14 लाख श्रद्धालुओं ने यमुनोत्री धाम के दर्शन किए। 1.83 लाख श्रद्धालु श्री हेमकुंट साहिब भी दर्शन को पहुंचे।

आदि कैलाश की यात्रा भी बंद हुई

उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में स्थित आदि कैलाश के कपाट भी श्रद्धालुओं के लिए बंद हो गए हैं। इस साल आदि कैलाश में करीब 40 हजार से अधिक श्रद्धालु पहुंचे। जो यहां पहुंचने वाले यात्रियों का आज तक का सबसे बड़ी संख्या है। आदि कैलाश तक सड़क बनने के कारण अब यहां पहुंचना काफी आसान हो गया। वहीं ओल्ड लिपुलेख दर्रे से कैलाश पर्वत दर्शन की यात्रा भी इस साल शुरू हो गई है। हालांकि यात्रा का किराया अधिक होने के कारण इसमें कम यात्री पहुंचे। पर कैलाश पर्वत दर्शन की यात्रा को लेकर भी श्रद्धालुओं के बीच काफी उत्सुकता रही।

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