इजराइल से खरीदी एलएमजी पर लगाकर 800 मीटर दूर दुश्मन को खुद ढ़ेर करने का प्रयोग सफल रहा
देहरादून:India AI weapon system भारत ने आर्टीफिशियल इंटेलीजेंस से तैयार हथियारों की रेस में बड़ी कामयाबी हासिल की है। देहरादून की एक कंपनी ने पहला स्वदेशी ऑटोनॉमस वेपन सिस्टम तैयार कर लिया है। इसे इजराइल से खरीदी गई नेगेव लाइट मशीन गन पर लगाकर सफल इसका सफल परीक्षण पूरा कर लिया गया है। कंपनी ने इस सिस्टम के तीन सफल परीक्षण सेना की निगरानी में पूरे कर लिए हैं।
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इस सिस्टम को तैयार करने वाली BSS Material बीएसएस एडवांस टैक्नलॉजी प्रा. लि. कंपनी के सह-संस्थापक विक्की चौधरी ने बताया कि यह सिस्टम 800 मीटर की दूरी पर दुश्मनों की हरकत को पहचान सकता है। 600 मीटर की रेंज में आते ही यह सटीक निशाना लगाकर दुश्मन को खत्म करने की क्षमता रखता है। यदि दुश्मन किसी गाड़ी के भीतर बैठा है तो यह वाहन के भीतर भी निशाना लगा सकता है। इस प्रणाल के जरिए 12.7 मिमी (.50 कैलिबर) तक के हथियारों को संचालन में हो गया है।India AI weapon system
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यह चीन व पाकिस्तान की सीमा पर काफी कारगर सिस्टम साबित हो सकता है। क्योंकि इन दुर्गम इलाकों में सेना को हर पोस्ट पर अपनी पेट्रोलिंग पार्टीयां भेजनी पड़ती है। इसलिए निगरानी के साथ ही किसी तरह की दुश्मनों की मूवमेंट को यह आसानी से देख सकता है। BSS Material इस प्रणाली का भारतीय सेना ने सफल परीक्षण भी पूरा कर लिया है। इस उपलब्धि के साथ भारत अब आधिकारिक रूप से अमेरिका, रूस, चीन, इजराइल और जापान जैसे देशों की कतार में खड़ा हो गया है। India AI weapon system
लाइट मशीन गन पर लगाया जा रहा सिस्टम
कंपनी इस सिस्टम को भारतीय सेना द्वारा पारंपरिक रूप से इस्तेमाल होने वाली इंसाज राइफल पर नहीं लगा रही। क्योंकि इस राफइल की रेंज कम है और इसमें गोलियां भी कम आती है। इसलिए इजराइल से खरीदी गई लाइट मशीन गन नेगेव पर यह एआई सिस्टम लगाया गया है। इस एलएमजी में एक बार में 200 से अधिक राउंड फायर हो सकते हैं। सबसे खास बात यह है कि यह प्लेटफॉर्म पूरी तरह स्वदेशी है BSS Material ने महज छह महीनों में भारतीय इंजीनियरों द्वारा विकसित किया गया। तकनीकी रूप से यह प्रणाली एआई के सथ ही डीप लर्निंग, स्वॉर्म रोबोटिक्स, इलेक्ट्रो ऑपटीकल सेंसर फ़यूजन जैसी तकनीकों से लैस है। India AI weapon system
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उत्तराखंड के रिमखिम, नेलांग में हो चुका परीक्षण
इस सिस्टम के अब तक तीन ट्रायल हो चुके हैं।BSS Material पहला आंतरिक परीक्षण प्लेटफ़ॉर्म निर्माण के बाद कंपनी और सेना की देखरेख में रूड़की में पूर्ण किए गए। इसके अलावा मुख्य ट्रायल उत्तराखंड में चीन सीमा तक जाने वाले नेलांग व रिमखिम दर्रें के पास किया गया। यह इलाका 14,000 फीट से अधिक ऊंचाई पर मौजूद है। यह ट्रायल इस सिस्टम के कठिन मौसम और हालातों में काम करने की क्षमता को आंका गया।India AI weapon system
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इजराल ने ईरान में किया था बड़ा हमला
इसी तरह की एआई मशीन गन के जरिए ही इजराल ने दो साल पहले ईरान में एक बड़ा हमला किया था। जिसमें ईरान के सबसे बड़ा परमाणुं वैज्ञानिक मोहसेन फ़ख़रीज़ादेह की मौत हो गई थी। यह हमला इतना सटीक था कि केवल परमाणु वैज्ञानिक की ही मौत हुई जबकि गाड़ी के ड्राईवर को एक खराेच तक नहीं आई। जिसके बाद से पूरी दुनिया ने पहली बार एआई हथियारों के बारे में जाना। एआई आधारित हथियारों की नई पीढ़ी की लड़ाईयों में बड़ी जरूरत बन गया है।
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