उत्तरकाशी: उत्तरकाशी जिले के धराली गांव में आई भीषण प्राकृतिक आपदा (Natural Disaster in Himalayas) के तीन दिन बाद भी मलबे में दबे लोगों को निकालने का काम शुरू नहीं हो पाया है। पूरा गांव करीब 30 फीट गहरे Debris में दबा है, जिससे Search and Rescue Operation चुनौतीपूर्ण हो गया है।
शुक्रवार को Indian Army ने विशेष रूप से प्रशिक्षित Dog Squad को धराली भेजा है, जो मलबे के नीचे दबे लोगों की खोज में मदद करेंगे। इसके अलावा SDRF के पास भी ऐसे ground-penetrating equipment हैं, जो जमीन के भीतर मौजूद लोगों का पता लगा सकते हैं। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता हर्षिल घाटी में फंसे सभी यात्रियों और स्थानीय लोगों को सुरक्षित निकालना है।
एसडीआरएफ सेनानायक अर्पण यदुवंशी के अनुसार, “पहली प्राथमिकता फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना है। इस कार्य में सेना, आईटीबीपी और एसडीआरएफ के 90 जवान लगे हुए हैं। उपकरण और आवश्यक सामग्री हेलीकॉप्टर के जरिए धराली तक पहुंचाई जा रही है।
Connectivity बहाल करने की कोशिश
गंगनानी से आगे नाग मंदिर के पास 30 मीटर का पुल टूटने और कई स्थानों पर भूस्खलन (Landslide in Uttarakhand) के कारण Gangotri Highway बंद है। BRO (Border Roads Organisation) वैली ब्रिज बनाने और मलबा हटाने का काम कर रहा है, लेकिन सड़क खुलने में 3–4 दिन लग सकते हैं। प्रशासनकी पहली कोशिश हे कि सबसे पहले मोबाइल कनेक्टिविटी को बहाल किया जाए।


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